आज कल मार्केट में ब्यूटी प्रोडक्ट की मांग बहुत बढ़ रही है, और रोज नए नए ब्यूटी प्रोडक्ट आ भी रहे है उन्हें देख कर मेरे जहन में एक ख्याल आया कि खूबसूरत दिखना क्या इतना जरूरी है?? क्या खूबसूरत चहेरा इतना मायने रखता है की लोग उस के लिए इतने पैसे लुटाते है? अगर हा तो फिर हमे बचपन से ये क्यों सिखाया गया की चहेरा नहीं इंसान का दिल वज्यादा मायने रखता है। मै ये सब सोच ही रही थी की मेरे एक दोस्त के बोले हुए शब्द मेरे कानोमे गूंजे उसने एक बार मुझसे कहा था कि अगर आपको किसी चीज...
ये उन दिनों की बात है जब सब को इश्क की हवा लग रही थी, चारो तरफ बस महोब्बत की बाते चल रही थी। सबकी नींद जानू, बाबू, सोना करने में उड़ रही थी। ऐसे में मै कैसे बाकी रहे जाती। मेरी भी नींद उड़ने लगी थी, चेन खोने लगा था। हा मुझ पर भी इश्क का असर होने लगा था। मेरा महेबूब थोड़ा अलग सा था। बाकी सब के महेबुब की तरह वो लोगो में ज्यादा पॉप्यूलर नहीं था।ना तो लोग उसकी बातों में ज्यादा रुचि रखते थे।शुरू शुरू में ना मुझे ये सारी बातें बहुत चुभती थी, मन करता था की उसे छोड़ दू, पर फिर कुछ दिनों बाद मैने देखा की बाकी सब के साथी उन पर कुछ न कुछ तरीको से, छोटी बड़ी बंदिशे लगाते थे। और कुछ लोगो की तो जैसे पूरी पसंद नापसंद भी उनके साथी की मर्जी से चलती थी। तब जा के मुझे अपने इश्क पर गर्व हुआ। तब मुझे समझ में आया की मेरा साथी भले ही बाकी सब की तरह ज्यादा लोगो में पॉप्यूलर नहीं है पर वो अपने साथ रहेने वाले हर इंसान की जिंदगी खूबसूरत बना देता है जैसे उसने अभी मेरी जिंदगी को खूबसूत बनाया है। हा मेरा साथी मुझे कोई बड़े से फिल्मी वादे नहीं करता, लेकिन वो मेरा हर बड़ा सपना पूरा करने के ...
भाग १ मुझे अपने सामने देखते ही उसने कहा "आइए साहब, इस अंधेरी रात में हुस्न के नशे में खोजाइए।" शराब के नशे में डूबा हुआ में रात के घने अंधेरे में मैं उसका चहेरा नही देख पा रहा था। लेकिन शायद उसने मेरा चहेरा देख लिया था। मैं कुछ जवाब देता उससे पहले ही उसने अपनी साड़ी के पल्लू को बदन से ऐसे हटा लिया जैसे वो चाहती हो की में इनकार करने की गलती करने से पहले उसकी खूबसूरती का मुआइना कर लूं। उसकी साड़ी का पल्लू हटते ही नशे में डूबी आँखे खुली की खुली रहे गई। अंधेरे की आड़ में छिपे उसके चहेरे को इग्नोर करते हुए मेरी आँखे उसकी गोरी गर्दन से होते हुए उसके जिस्म के उस हिस्से तक पहुंची जिसका मुआइना करना शायद ही किसी मर्द की आंखे चूक सकती है। मेरी आँखे भी उसी हिस्से का मुआइना करने पहुंच गई थी। डीप नेक के लाल ब्लाउज में से उसके वक्षस्थलो के बीच की जगह पर मेरी आंखे ठहर गई थी। कुछ क्षण वहा ठहर ने के बाद उसके वक्षस्थलो को देखते हुए आंखे उसकी कमर तक जा पहुंची थी। लेकिन लाल कलर के ब्लाउज में बंद उसके वक्षस्थल के उभार ने मेरी आंखों को फिर अपनी ओर बुला लिया। शराब के नशे के साथ अब उसके हु...
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